अपने दिल में संस्कृति और परंपरा को गहराई से बसाए हुए, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता, अपनी मातृसत्तात्मक औपनिवेशिक विरासती जड़ों को सींच रहा है। हालांकि यह शहर अपने शानदार ढांचों, हलचल से भरे बाजारों, जीवंत पाक कला के दृश्यों, उत्तम कारीगरी और सांस्कृतिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासतों में किसी भी भारतीय महानगर से ज्यादा मूल्यवान है। किसी समय ब्रिटिश भारत की राजधानी रही कोलकाता का औपनिवेशिक आकर्षण आधुनिक संस्कृति से काफी मेल खाता है। पूरे शहर में घूमती हुई, धीरे-धीरे चलने वाली ट्राम (एशिया में सबसे पुरानी), दौड़ लगाती प्रतिष्ठित काली-पीली टैक्सी, हाथाें से बुनी हुई सूती साड़ियों में लिपटी महिलाएंं, लंबे सत्रों वाले अड्डे (विभिन्न विषयों जैसे राजनीति और समाज पर चर्चा करने वाली बैठकी) वाले पुराने चाय और कॉफी हाउस, प्रसिद्ध फुटबाल क्लब और सामानों से पटे हुए पुराने बाजार से इस हलचल भरे महानगर ने अनोखे कस्बे की आत्मा को संजो कर रखा है।
प्यार से 'सिटी ऑफ जॉय', कहा जाने वाला कोलकाता जिंदादिली और उत्सवों से भरा पड़ा है। यहां वर्ष भर कोई न कोई उत्सव चलता ही रहता है। कभी तो पूरे शहर में दुर्गापूजा के पंडाल फैले होते हैं, कभी बोऊ बैरेक्स पर सुंदर क्रिसमस समारोह चल रहा होता है, तो कभी चाइनाटाउन में रंग-बिरंगे चीनी नव वर्ष के उत्सव में सारा शहर डूबा रहता है। अपने उत्सवों के कारण भी यह शहर घूमने लायक है।
गुजरे हुए समय का स्वाद चखने के लिए पर्यटक ऐतिहासिक विरासत से जुड़े पर्यटक स्थलों का दौरा कर सकते हैं, जो आपको शहर के इतिहास, आध्यात्मिकता और औपनिवेशिक अतीत की जानकारी देता है। चाहे बात प्राचीन सफेद सौंदर्य की प्रतीक विशाल विक्टोरिया मेमोरियल की हो या नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर के पैत्रिक आवास की हो, कोलकाता की सुनहरी विरासत में पर्यटकों के लिए अनेकों-अनेक छोटी-बड़ी रुचिकर चीजें छिपी हुई हैं।
पर्यटक यहां के अनोखे व्यंजनों का स्वाद लेना न भूलेें। यहां आपका परिचय कुछ सबसे अनोखे व्यंजनों से होगा, जिन्हें आपने कभी भी नहीं चखा होगा। इस शहर में बंगाली व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए बहुत कुछ मौजूद है, जैसे मीठा और स्पंजी रसगुल्ला (कच्चे छेने से बनी मिठाई), मसालेदार और मीठे पानी से भरे गोलगप्पे (पुचका), और स्वादिष्ट ढाब चिंगरी (नारियल में पकाई गई झींगा मछली) से लेकर इलिश पटुरी (एक प्रकार की स्टीम्ड मछली) और कोशा मंंग्शो (सूखी मटन करी) आदि। इसके अलावा ब्रिटिशों की विरासत स्वादिष्ट केक, चाइनाटाउन के पारंपरिक चीनी व्यंजन और कई स्वादिष्ट एंग्लो-इंडियन व्यंजन यहां पर पूरे शहर में मिलते हैं।
भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध कोलकाता शहर में पुरस्कार विजेता कवि, लेखक, फिल्म निर्माता और नोबेल पुरस्कार विजेताओं की भरमार है।

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