विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक भारत, बहुसांस्कृतिक अनुभवों की एक सुंदर चित्रावली प्रस्तुत करता है। समृद्ध धरोहरों एवं असंख्य आकर्षणों के साथ यह देश दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्यटक गंतव्यों में से एक है। इस देश का क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है जिसमें बर्फ से ढके हिमालय से लेकर दक्षिण में उष्णकटिबंधीय वर्षावन देखने को मिलते हैं। दुनिया में सातवां सबसे बड़ा देश होने के कारण भारत की एशिया में एक अलग पहचान है जो इसके पहाड़ों एवं समुद्र से परिलक्षित होती है। यह देश को एक अलग भौगोलिक इकाई बनाता है।

इसके उŸार में ग्रेट हिमालय की पहाड़ियां हैं, जो दक्षिण तक फैली हुई हैं। यहां कर्क रेखा होकर गुज़रती है, पूर्व में बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम में अरब सागर और बीच में हिंद महासागर से घिरा हुआ है। आप जैसे-जैसे इस देश में भ्रमण करेंगे तो आपको व्यंजनों, आस्था, कला, शिल्प, संगीत, प्रकृति, भू-भाग, आदिवासी समुदाय, इतिहास एवं रोमांचक क्रीड़ाओं में विविधता देखने को मिलेगी। भारत, प्राचीन एवं आधुनिक जगत का मंत्रमुग्ध कर देने वाला सम्मिश्रण है। यहां पर भीड़भाड़ वाले बाज़ारों के साथ शॉपिंग मॉल्स भी मिलेंगे तथा शानदार स्मारकों के साथ विलासिता से भरपूर हेरीटेज होटल हैं, सर्वोत्कृष्ट यात्रियों को यहां पर दोनों तरह के जगत की झलक देखने को मिलेगी। चाहे पर्वतों का रुख करें, समुद्री तटों पर समय व्यतीत करें अथवा सुनहरे थार पर क्रॅज़ का आनंद लें

 

भारत का इतिहास

भारतीय प्रायद्वीप शेष एशिया से पृथक है, जिसकी सीमाएं पहाड़ों और समुद्र से है, जो देश को एक अलग भौगोलिक अस्तित्व प्रदान करता है। देश और उसकी जनता के विकास के चरणों के आधार पर भारत के इतिहास को तीन प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता हैः

प्राचीन इतिहास

भारत का इतिहास और संस्कृति मानव सभ्यता के शुरुआती काल तक जाता हुआ, गतिशील है। यह सिंधु नदी के किनारे और भारत की दक्षिणी भूमि में कृषक समुदायों के साथ एक रहस्यमय संस्कृति से प्रारंभ होता है। विविध संस्कृतियों के साथ जो भारत को घेरे हुए हैं, भारत का इतिहास प्रवासियों के निरंतर एकीकरण से प्रभावित हुआ है। उपलब्ध साक्ष्यों से ज्ञात होता है कि प्रारंभिक दौर में भारतीय उपमहाद्वीप में लोहे, तांबे और अन्य धातुओं का उपयोग व्यापक रूप से प्रचलित था, जो कि विश्व के इस भाग की प्रगति का संकेत है। चैथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के अंत तक, भारत अत्यधिक विकसित सभ्यता के क्षेत्र के रूप में उभरा था।

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मध्यकालीन इतिहास

एक ऐसी अवधि के लिए जो भारत में इस्लामिक प्रभाव और शासन से बहुत दृढ़ता से संबंधित रखती है, मध्यकालीन भारतीय इतिहास उन तथाकथित स्वदेशी शासकों के अधीन लगभग तीन संपूर्ण सदियों तक चला, जिसमें चालुक्य, पल्लव, पांड्य, राष्ट्रकूट, मुस्लिम शासक और आखिर में मुगल साम्राज्य शामिल थे। 9वीं शताब्दी के मध्य में उभरने वाला सबसे महत्वपूर्ण राजवंश चोलों का था।

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स्वतंत्रता संग्राम

प्राचीन समय में, दुनिया भर के लोग भारत आने के इच्छुक थे। ईरानियों और पारसियों के बाद फारसी भारत में आ गए। फिर मुगल आए और वे भी भारत में स्थायी रूप से बस गए। मंगोलियाई चंगेज़ खान ने भारत पर अनेक बार आक्रमण किया और लूटपाट की। महान सिकंदर भी, भारत को जीतने के लिए आया था लेकिन पोरस के साथ लड़ाई के बाद वापस चला गया। चीन से ह्वेन त्सांग ज्ञान की खोज में और नालंदा एवं तक्षशिला के प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालयों का भ्रमण करने आए थे। कोलंबस भारत आना चाहता था, लेकिन इसकी बजाय अमेरिका के तट पर उतर गया। पुर्तगाल से वास्को डी गामा भारतीय मसालों के बदले में अपने देश के सामान का व्यापार करने आए थे। फ्रांसीसी भारत में आए और अपने उपनिवेश स्थापित किए। अन्त में, लगभग 200 वर्षों तक अंग्रेजों ने भारत पर शासन किया। 1757 में प्लासी के युद्ध के पश्चात, अंग्रेजों ने भारत में राजनीतिक शक्ति प्राप्त की। और उनकी सर्वोपरिता लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल के दौरान स्थापित हुई, जो 1848 में गवर्नर - जनरल बने। उसने भारत के उत्तर-पश्चिम में पंजाब, पेशावर और पठान जनजातियों पर कब्जा कर लिया। और 1856 तक, ब्रिटिश विजय और उसके अधिकार मजबूती से स्थापित हुए थे। और जब 19वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटिश सत्ता ने अपनी ऊंचाइयों को प्राप्त किया, तो अंग्रेजों द्वारा कब्जा कर लेने पर विभिन्न राज्यों की सेनाओं के विघटन के कारण बेरोजगार हुए सैनिकों की तरह ही स्थानीय शासकों, किसानों, बुद्धिजीवियों, आम जनता का असंतोष व्यापक हो गया। यह शीघ्र ही एक विद्रोह में बदल गया जिसने 1857 के सैन्य विद्रोह के पहलूओं को स्वीकृत किया।

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भारत के बारे में तथ्य

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जब 5000 वर्ष पहले अनेक संस्कृतियों में केवल खानाबदोश (घुमंतू) वनवासी थे, तब सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में भारतीयों ने हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की थी।

‘भारत’ नाम सिंधु (इंडस) नदी से लिया गया है, जिसके चारों ओर घाटियाँ हैं जो प्रारंभिक निवासियों का घर थीं। आर्य उपासकों ने इंडस नदी को सिंधु नदी कहा।

शतरंज का आविष्कार भारत में हुआ था।

बीजगणित, त्रिकोणमिति और कलन अध्ययन हैं, जिनकी उत्पत्ति भारत में हुई।

भारत में ‘स्थान मूल्य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास 100 ई.पू. में हुआ।

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, विश्व में 7वां सबसे बड़ा देश है, और सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है।

आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे प्रारंभिक चिकित्साशाला है। चिकित्सा के पिता, चरक, ने 2500 साल पहले आयुर्वेद को समेकित किया था।

भारत में सबसे प्राचीन यूरोपीय गिरजाघर और आराधनालय कोचीन शहर में हैं। इन्हें क्रमश: 1503 और 1568 में निर्मित किया था।

वाराणसी, जिसे बनारस के रूप में भी जाना जाता है, जब भगवान बुद्ध ने 500 ईसा पूर्व में इसका भ्रमण किया था तब ‘प्राचीन शहर’ कहा जाता था, और आज विश्व में सबसे पुराना, लगातार बसा हुआ शहर है।

भारत में योग की उत्पत्ति हुई है और 5,000 वर्षों से अस्तित्व में है।