शहर के शानदार पाक शैली संस्कृति का आनंद लें।

उस्मानिया बिस्किट

उस्मानिया बिस्किट विशिष्ट रूप से नरम चाय बिस्किट हैं जिसके खाने का मजा ईरानी चाय के साथ सबसे ज्यादा मिलता है। अपनी पाककला संस्कृति के लिए प्रसिद्ध इस शहर की इस मीठे और नमकीन स्वाद वाले, मुंह में पिघल जाने वाले इन बिस्किटों को जरूर चखें।किंवदंती यह है कि इस बिस्किट का नाम मीर उस्मान अली खान के नाम पर रखा गया था, जो हैदराबाद के सातवें निजाम थे। निजाम, आबिद महल्ले के एक लोकप्रिय रेस्तरां में मिलने वाले इस बिस्किट को बहुत पसंद करते थे और तब लोगों ने इसका नाम, राजा के नाम पर रख दिया। एक अन्य कहानी यह बताती है कि बिस्किट पहली बार उस्मानिया अस्पताल में बनाए गए थे और इसके चलते इसका नाम यह पड़ा। कहा जाता है कि आहार विशेषज्ञों (डॉयटिशियंस) के एक समूह ने इसकी स्वादिष्ट रेसिपी तैयार की ताकि इसे मरीजों को एक एनर्जी बूस्टर के रूप में दिया जा सके।

खुबानी का मीठा

यह विशिष्ट हैदराबादी मीठी पकवान को सूखे खुबानी, मलाई और गुलाब जल से बनाया जाता है।यह शादियों में परोसा जाने वाला एक लोकप्रिय व्यंजन है, और यह हैदराबाद के शाही रसोई के सबसे स्वादिष्ट व्यंजनों में से एक है।

खुबानी का मीठा

शीर कोरमा

ईद-उल-फितर के दौरान खाने वाला एक पसंदीदा व्यंजन, शीर कोरमा एक विशेष हैदराबादी मीठा पकवान है जिसे घी में तले हुईं सेंवई के साथ बनाया जाता है और फिर इसे खजूर तथा अन्य सूखे मेवों के साथ मीठे दूध में धीमी आंच से पकाया जाता है।फिर इसके ऊपर थोड़ा केसर डाला जाता है।'शीर कोरमा' का शब्दिक अर्थ है, खजूर के साथ दूध।

शीर कोरमा

मिर्ची का सालन

एक अनोखी डिश मिर्ची का सालन, मूंगफली और तिल के बीज की करी में पकी हुई, हरी मिर्च की एक मसालेदार ग्रेवी है। स्वाद और रंग के लिए इसमें नारियल और खसखस की कढ़ी भी मिलायी जाती है। कहा जाता है कि यह पकवान मुगल सम्राट अकबर के पसंदीदा व्यंजनों में से एक था। यहां तक कि 16वीं शताब्दी के दस्तावेज आइन-ए-अकबरी में, जिसमें मुगल साम्राज्य के प्रशासन का विस्तृत विवरण दर्ज किया गया है, इसका उल्लेख है।

मलाई कोरमा

मलाई कोरमा एक स्वादिष्ट शाकाहारी व्यंजन है जो मसाले और मलाई के साथ बनाया जाता है। इसमें कोफ्ता, जो मुख्य रूप से पनीर या कॉटेज पनीर की गहरी तली हुई पकौड़ी है, को हल्के मसालेदार ग्रेवी में पकाया जाता है। इसे रोटी के साथ खाने में सबसे ज्यादा स्वाद मिलता है।

कीमा समोसा

कीमा समोसा, आम भारतीय स्नैक समोसे का एक अनूठा रूप है। आम समोसे में तले हुए आटे के खोल में मसालेदार आलू का मिश्रण भरा जाता है। कीमा समोसा में मांस का मसालेदार कीमा भरा जाता है और इसे पका कर मसालेदार पुदीने की चटनी के साथ परोसा जाता है।

हैदराबादी हलीम

हैदराबादी हलीम, जिसकी मनपसंद तैयारी में मटन, दाल, गेहूं के टुकड़े, दही, मसाले, सूखे मेवे और पुदीने को मिलाकर लगभग 12 घंटे तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। त्योहारों के दौरान इस सुगंधित व्यंजन का आनंद लिया जाता है, जो समान रूप से गाढ़ा होता है।

हैदराबादी हलीम

ईरानी चाय

हैदराबाद में प्रतिष्ठित, चाय पत्तियों, खोया या मावा, और चीनी के मिश्रण से बनी पूरे दूध के चाय का स्वाद जरूर लें। इस चाय का सबसे ज्यादा मजा हैदराबादी उस्मानिया बिस्कुट के साथ मिलता है।

ऐसा माना जाता है कि इसे फ़ारसी प्रवासियों द्वारा हैदराबाद लाया गया था जो मुंबई बंदरगाह पर उतरे और फिर पुणे और हैदराबाद आकर बस गए।

ईरानी चाय

डबल का मीठा

डबल का मीठा एक स्वादिष्ट मीठा पकवान है जिसमें ब्रेड के स्लाइस को हल्के से टोस्ट कर या तल कर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है, और जिसके उपर थोड़ा सा, केसर और इलायची से संक्रमित दूध डाला जाता है। फिर इस व्यंजन को काजू, चंदी के बर्क, बादाम और किशमिश डाल कर सजाया जाता है। इसे शाही टुकड़ा भी कहते हैं, और यह हैदराबाद में होने वाली शादियों और पार्टियों में काफी लोकप्रिय है।

'डबल का मीठा' शब्द मिल्क ब्रेड को इंगित करता है जिसे 'डबल रोटी' कहा जाता है क्योंकि इसे बेकिंग करने पर इसका आकार फूल कर दोगुना हो जाता है।

डबल का मीठा

फिरनी

एक स्वादिष्ट मीठी पकवान फिरनी, टूटे हुए चावल, सूखे मेवों और मीठे दूध से तैयार की जाती है। यह रमजान के पवित्र महीने का एक लोकप्रिय मीठा व्यंजन है जिसका आनंद अन्य शुभ अवसरों पर भी लिया जाता है। आमतौर पर इसकी तुलना मीठे चावल और दूध के हलवे से की जाती है।

फिरनी

हैदराबादी बिरयानी

बिरयानी, हैदराबाद की संस्कृति को परिभाषित करती है। शहर की तरह, यह प्रतिष्ठित शाही पकवान, चावल, मांस और स्वादिष्ट मसालों का एक ऐसा समामेलन है, जिसका कोई एक घटक दूसरे पर हावी नहीं होता है! हैदराबादी बिरयानी, अपने पकाने की विधि और हल्के लेकिन परिष्कृत मसाले की विशिष्टता के कारण, देश भर में उपलब्ध अन्य किस्मों की बिरयानी से अलग है। शहर में दो प्रकार की बिरयानी पकाई और परोसी जाती है। पहली है कच्छी बिरयानी, जिसमें मैरिनेटेड मांस को चावल के साथ मिलाकर पकाया जाता है। दूसरी किस्म, जो अधिकतर मिलती है, वह पक्की बिरयानी है, जिसमें मांस को अलग से पकाया जाता है और फिर उसे आधे पके हुए चावल के साथ स्तरित किया जाता है। दोनों किस्मों को पारंपरिक भाप-खाना पकाने की प्रक्रिया वाली दम पर, तब तक पकाया जाता है जब तक कि मांस गल न जाए, और चावल सुगंधित रूप से पक न जाए। इस तरह पकाने से प्रत्येक चावल का दाना अलग हो जाता है। इन दोनों तरह की बिरयानी में मसाला हल्का, पर ताजे इलायची का तेज के साथ रहता है। इसमें हरी मिर्च, घी और केसर का तड़का भी लगा रहता है।

हैदराबादी बिरयानी