आमरस पूरी

ताजे आमों का गाढ़ा रस बनाने के लिए काटकर मिलाया जाता है, जिसे ताज़ी गर्म पूरियों के साथ परोसा जाता है।

आमरस पूरी

श्रीखंड

अच्छे से पकाए हुए दूध का उपयोग करके बनाया गया, यह मिष्ठान सभी को भाता है। दही को लटकाने के बाद भी बनाया जा सकता है, जो केसर मिलाकर और स्वादिष्ट बन जाता है। यह प्रसिद्ध भारतीय थाली का एक हिस्सा है, और महाराष्ट्र की शादियों में अवश्य परोसा जाता है।

श्रीखंड

अलु ची वड़ी

इसे पात्रा भी कहा जाता है। महाराष्ट्र की इस विशेषता को अरबी के पत्तों को मीठे और चटपटे आटे में डुबोकर, एक साथ चिपकाते हुए, फिर अंत में भाप में पकाकर और भूनकर बनाया जाता है।

अलु ची वड़ी

थालीपीठ

यह मसालेदार परांठा महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर तैयार किया जाता है। चावल, गेहूं, बाजरा, ज्वार या बेसन के आटे से बने इस परांठे का स्वाद मक्खन और ठंडी दही के साथ खाने से ज्यादा आता है।

थालीपीठ

इन व्यंजनों का लुत्फ उठाएं

इन व्यंजनों का लुत्फ उठाएं

पूरन पोली

यह मीठा परांठा दाल और गुड़ से भरा होता है। इसे गर्म घी के साथ खाना चाहिए और गणेश चतुर्थी के त्योहार के दौरान भारी मात्रा में इसे बनाया जाता है, जो शायद महाराष्ट्र का सबसे भव्य त्योहार है।

पूरन पोली

साबूदाना खिचड़ी

इस स्वादिष्ट भोजन को बनाने के लिए साबुदाने को रात भर भिगोया जाता है। मूंगफली, कसा हुआ नारियल, हरी मिर्च और घी को साबुदाना में डाला जाता है और खिचड़ी बनाने के लिए पकाया जाता है, जो चावल और दाल से बनती है। 

साबूदाना खिचड़ी

पाव भाजी

महाराष्ट्र की इस खासियत को बड़े होटलों और सड़क के किनारे बने भोजनालयों में परोसा जाता है, और इसका स्वाद लाजवाब होता है। यह मौसमी सब्जियों, आलू, टमाटर और पाव के साथ परोसे जाने वाली एक गाढ़ी सब्जी होती है, और इसके ऊपर मक्खन डाला जाता है। इसे गर्म-गर्म परोसा जाता है। 'पाव' शब्द पुर्तगाली भाषा के शब्द ब्रेड से लिया गया है और मराठी में 'भाजी' का अर्थ है एक सब्जी।कहा जाता है कि पाव भाजी की उत्पत्ति महाराष्ट्र राज्य में 1850 के दशक में कपड़ा श्रमिकों के लिए मध्यरात्रि भोजन के रूप में हुई थी। जैसा कि कहा जाता है चूंकि मिल के मजदूरों ने देर रात तक काम किया, इसलिए जब वे घर गए और रात का खाना मांगा, तो उनकी पत्नियां नाराज हो गईं। तब, ऐसा भोजन बनाने के लिए, जिससे पेट भर सके, उन्होंने बची हुई ब्रेड को इकट्ठा करना शुरू किया और सभी सब्जियों को मिलाया और उन्हें कुचल दिया। यह स्वादिष्ट पाव भाजी का एक साधारण ढंग से तैयार किया एक रूप था, जिसे आज तक याद किया जाता है।

पाव भाजी

चिक्की

इस स्वादिष्ट मीठे नाश्ते को बनाने के लिए मूंगफली और गुड़ को मिलाया जाता है, जिसे हर कोई पसंद करता है। इसे कई प्रकार से बनाया जाता है, जिसमें मूंगफली के बजाय, निर्माता तिल, खोबारा (कसा नारियल) और यहां तक ​​कि चने का उपयोग करते हैं। जो सामग्री उसमें प्रयोग की गई होती है, उसी नाम से चिक्की मिलती है। 

चिक्की

भेल पुरी

मुरमुरों, प्याज, टमाटर, खीरे और खट्टी-मीठी इमली की चटनी से बना फास्ट-फूड दिलकश नाश्ता, भेलपुरी ज्यादातर समुद्र तट के भोजनालयों और पुणे की गलियों में चाट के रूप में मिलती है और स्थानीय लोगों और आगंतुकों द्वारा समान रूप से खाई जाती है। किंवदंती है कि यह चाट पहली बार मुगल सम्राट शाहजहां की रसोई में बनाई गई थी जब उनके डॉक्टर ने उन्हें हल्के और मसालेदार भोजन खाने की सलाह दी थी।हालांकि, भेल पुरी की उत्पत्ति मूल रूप से अज्ञात है, कई लोग मानते हैं कि यह महाराष्ट्र में एक गुजराती प्रवासी द्वारा लाई गई थी। इस शानदार नाश्ते से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी है। इसके अनुसार भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान, एक प्रसिद्ध शेफ, विलियम हेरोल्ड को सैनिकों के भोजन की तैयारी में मदद करने के लिए भेजा गया था। चूंकि वह बहुत अच्छा खाना बनाता था, इसलिए उसे जल्द ही एक उच्च पदस्थ अधिकारी के रसोइए के रूप में पदोन्नत किया गया। ऐसा हुआ कि अधिकारी ने हेरोल्ड को उसे एक स्थानीय भोजन पकाने का आदेश दिया और उसने सीखा कि भेल पुरी कैसे बनाई जाती है, जो मुरमुरे और आलू से बनी होती है। सैनिकों को यह इतनी पसंद आई कि अधिकारी ने हेरोल्ड को और अधिक स्थानीय व्यंजनों की तलाश करने के लिए कहा। ऐसा कहा जाता है कि शेफ को और कोई रेसिपी नहीं मिली और जब उसने अपने अधिकारी को बताया कि उसे उस रात आलू के चिप्स खाने होंगे तो अधिकारी इतना क्रोधित हुआ कि उसने हेरोल्ड के सिर में गोली मार दी।

भेल पुरी

भाखरवाड़ी

चाय के साथ खाए जाने वाले इस स्वादिष्ट नाश्ते को बनाने के लिए तिल, अदरक, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर, हरी मिर्च, हींग, चीनी और नमक को कसे नारियल और खसखस ​​के साथ मिलाया जाता है। यह महाराष्ट्र राज्य में बहुत प्रसिद्ध नाश्ता है।

भाखरवाड़ी

अमटी

गुड़, इमली के गूदा, गोडा मसाला (एक मीठा मसाला), कसा नारियल, जीरा, प्याज, हरी मिर्च, हींग, ताजा धनिया और नमक के साथ, यह अरहर दाल का महाराष्ट्रीयन रूप का स्वाद एकदम अलग है। मीठा, मसालेदार और नमकीन एक दुर्लभ स्वाद सब एक साथ मिलते हैं।

अमटी