calendar icon Mon, March 9- Tue, March 10, 2020

रंगों का त्योहार होली, भारत के हर हिस्से में बहुत ही उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया जाता है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का द्योतक है तथा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली हमारे देश के बहुत ही आनंददायक त्योहारों में से एक है। समाज के हर वर्ग का व्यक्ति इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। होली अमूमन मार्च के महीने में मनाई जाती है और देश के हर हिस्से में इसे अलग नाम से पुकारा जाता है। इस सबसे लोकप्रिय पर्व के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में ढोल जात्रा अथवा ढोल पूर्णिमा मनाई जाती है। इसमें महिलाएं अपने आप को फूलों से सजाती हैं और पारंपरिक संगीत वाद्यों पर गीत गाती हैं तथा नृत्य करती हैं। वहीं पंजाब के आनंदपुर साहिब में होली के अगले ही दिन होला मोहल्ला मनाया जाता है। मणिपुर में याओसांग मनाते हैं, जो हिंदु कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा से आरंभ होकर अगले पांच दिनों मनाया जाता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बरसाना क्षेत्र में लट्ठमार होली मनाई जाती है। इसमें महिलाएं छदम रूप से पुरुषों को लाठियों से पीटती हैं। केरल में मांजल कुली मनाया जाता है, जिसमें हिंदुओं के देवता यानी कामदेव का पुतला जलाया जाता है। 

अनुष्ठान एवं आयोजन
होली की पूर्व संध्या से ही विभिन्न अनुष्ठान आरंभ हो जाते हैं। रात को होलिका दहन किया जाता है। होली के दिन लोग सुबह से ही हाथ में अबीर एवं गुलाल लिये सड़कों पर निकल पड़ते हैं। वे एक दूसरे को रंग लगाते हैं। ये रंग प्राकृतिक सामग्री से बनते हैं जैसे पलाश के फूलों, गुलाब, टेसु, गुड़हल, अरारोट के पाउडर, मक्के के आटे, हल्दी और पालक के पत्तों से इन्हें बनाया जाता है। सूखे रंगों के अलावा लोग एक दूसरे पर रंगों से युक्त पानी भी डालते हैं। वे पिचकारी अथवा गुब्बारों के माध्यम से पानी फेंकते हैं। रंगों के इस त्योहार को मनाने के लिए परिवार का हर एक सदस्य तथा समुदाय के अन्य लोग एकत्रित होकर इसका भरपूर आनंद उठाते हैं। 

रंगों का महत्त्व
 होली के त्योहार पर नीला, लाल, पीला, हरा रंग उपयोग में लाया जाता है। इन सभी का सांकेतिक महत्त्व है। उदाहरण के लिए, नीला रंग हिंदुओं के इष्ट देव अर्थात् भगवान कृष्ण का द्योतक है। उनकी त्वचा का रंग नीला माना जाता है। भारत में लाल रंग को विवाह से जोड़कर देखा जाता है। यानी कि यह मंगलकारी कार्यों का प्रतीक है। वहीं हरा रंग नवीन कार्य को आरंभ करने तथा नवजीवन का द्योतक है। पीला रंग जो हल्दी का होता है, वह कल्याण का प्रतीक है।

होली के पकवान
रंगों के इस पर्व पर घर-घर में स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। इनमें मठरी, गुजिया, पापड़, मालपुआ एवं ठंडाई प्रमुख हैं। समस्त परिवार के सदस्य इनका स्वाद लेते हैं। पर्व की हार्दिक बधाई देने लोग एक दूसरे के यहां जाते हैं, जिन्हें ये I