calendar icon Wed, March 25, 2020

महाराष्ट्र में नववर्ष तथा कृषि सत्र के आरंभ के प्रतीक के रूप में गुड़ी पड़वा का त्योहार बड़ी धूमधाम एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। ‘गुड़ी’ शब्द का प्रतीक भगवान ब्रह्मा की पताका होता है। लोग इस विजय पताका को अपने घरों के बाहर या खिड़कियों पर फहराते हैं। ‘पड़वा’ का मतलब होता है कि चंद्र मास के किसी पक्ष की पहली तिथि। विभिन्न राज्यों में गुड़ी पड़वा विविध नामों से मनाया जाता है। आंध्र प्रदेश में यह पर्व ‘उगादी,’ कर्नाटक में ‘युगादी’ तथा असम में ‘बिहू’ के नाम से जाना जाता है।

कैसे मनाते हैं इसे?
गुड़ी इस पर्व का विशेष प्रतीक होता है। बांस के एक डंडे पर चमकीले पीले अथवा हरे रंग का रेशमी कपड़ा बांधते हैं। इस कपड़े पर ज़री की कढ़ाई होती है। नीम के पत्ते, गेंदे के फूलों की माला, आम के पेड़ की पत्तियां एवं गाठी (महाराष्ट्र की मिठाई) को कपड़े में बांधकर, उन्हें बांस के डंडे पर टांग देते हैं। डंडे के ऊपरी कोने पर तांबे अथवा सिल्वर का लोटा रखा जाता है। अब इस डंडे को घर के बाहर रख देते हैं। घर के जिस हिस्से में गुड़ी को रखा जाता है, उसे बहुत पवित्र मानते हैं। उस स्थान को सुंदर रंगोली से सजाया जाता है। ये रंगोली रंगों अथवा फूल की पंखुड़ियों से बनाई जाती है। इनमें ज्यामितीय डिज़ाइन, पेड़ों, पशुओं, मशालें अथवा हिंदुओं के प्रसिद्ध रूपांकनों को उकेरा जाता है। वसंत ऋतु के आगमन को उजागर करने के लिए इन रंगोली में विभिन्न प्रकार के रंगों का उपयोग किया जाता है। इनसे रंगों की बौछार देखने को मिलती है।

विभिन्न अनुष्ठान
इस विशेष दिन को मनाने के लिए लोग बहुत सी तैयारियां करते हैं। लोग सुंगधित तेल युक्त पानी से स्नान करते हैं तथा सुंदर व आकर्षक परिधान पहनकर सजते-संवरते हैं। इस पर्व का सबसे अहम अनुष्ठान गुड़ी को सीधे खड़ा करना होता है। गुड़ी को स्थापित करने के बाद लोग भगवान ब्रह्मा की पूजा-अर्चना करते हैं। एक अन्य रोचक परंपरा गुड़ी में रखे नारियल को तोड़ना होता है। नारियल तक पहुंचने के लिए बच्चे एक दूसरे के कंधे पर चढ़कर पिरामिड बनाते हैं। जब पिरामिड तैयार हो जाता है तब सबसे ऊपर खड़ा बच्चा नारियल फोड़ता है।

स्वादिष्ट पकवान
इस अवसर पर नीम की पत्तियां खाना एक विशेष परंपरा है। लोग इन्हें या तो कच्ची ही खाते हैं अथवा गुड़ व तिल के साथ मिलाकर इनका सेवन करते हैं। इस पर्व पर पारंपरिक रूप से बनने वाली खाने की स्वादिष्ट चीज़ों में श्रीखंड (दही से बना मीठा व्यंजन), पूरन पोली (मीठी चपटी रोटी) एवं सौंठ पानक (पारंपरिक भारतीय पेय) प्रमुख होते हैं।