पहलगाम के छोटे से कस्बे से होकर लिद्दर नदी बहती है। यहां से बर्फ से ढकी पीर पंजाल पर्वतमाला के नज़ारे साफ़ दिखाई पड़ते हैं। लिद्दर नदी के बहाव क्षेत्र के कारण ही इस घाटी को लिद्दर घाटी कहा जाने लगा। लिद्दर हिम नदी, विशाल सिंधु नदी की सहायक नदी है। नदी के साथ चलते-चलते, पहलगाम के मनोरम दृश्यों और अद्भुत नज़ारों का आनंद लिया जा सकता है। इस नदी के क्रिस्टल जैसे स्वच्छ पानी में विभिन्न प्रजातियों की मछलियां हैं, जिन्हें बार-बार पानी में गोता लगाते देखना अपने आप में ही एक अनोखा दृश्य है। पर्यटकों को इस नदी के किनारे बैठकर, इसके मनोरम नज़ारों के बीच पिकनिक मनाना काफ़ी पसंद आता है। पर्यटक यहां मछली पकड़ने, वाइटवॉटर राफ्टिंग जैसे विभिन्न जलक्रीडाओं के साथ घुड़सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।         

लिद्दर नदी की दो सहायक नदियां हैं-लिद्दर पूर्व जो शेषनाग झील से बहती है और लिद्दर पश्चिम जो कोलाहोई ग्लेशियर से बहती है। इन दोनों सहायक नदियाें का संगम पहलगाम कस्बे के निकट ही एक चौड़े समतल भाग में होता है। लिद्दर नदी अनंतनाग जिले के पेयजल का भी मुख्य स्रोत है, जहां केवल ट्रैकिंग द्वारा ही पहुंचा जा सकता है।   

अन्य आकर्षण