सुंदर समुद्र तटों, योग केंद्र हब से लेकर पक्षियों को देखने के लिए बने स्थलों, धार्मिक स्थल, कला व हस्तशिल्प के केंद्रों और वेलनेस सेंटरों की वजह से, गुजरात की राजधानी गांधीनगर, अपनी विविधता के कारण सबको हैरानी में डाल, मंत्रमुग्ध करती है। चंडीगढ़ के बाद, देश के इस दूसरे नियोजित शहर में चौड़ी सड़कें हैं जिनके नंबर हैं और इसकी गलियों के नाम गुजराती अक्षरों के नाम पर रखा गए हैं। गांधीनगर का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। 6,000 टन गुलाबी बलुआ पत्थर से निर्मित भव्य अक्षरधाम मंदिर, शहर के केंद्र में स्थित है और इस क्षेत्र में संप्रदाय का सबसे प्रमुख मंदिर है। इस शहर में देश का एकमात्र डायनासोर संग्रहालय भी है, जिसे इंड्रोडा नेचर पार्क कहा जाता है, जिसे लोकप्रिय रूप से भारत का जुरासिक पार्क कहा जाता है। इसके अलावा, शहर में महात्मा गांधी की  समृद्ध विरासत है, जिसे दांडी कुटीर में संरक्षित किया गया है, जो देश में गांधीजी के जीवन से संबंधित सबसे पुराना और सबसे बड़ा संग्रहालय है। हाल के वर्षों में, गांधीनगर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे शीर्ष संस्थानों की वजह से भी एक शैक्षिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।