calendar icon Fri, November 8, 2019

नवम्बरद्ध मेघालयएक अच्छी फसल के लिए इष्ट देव को धन्यवाद देने के लिए का एक षानदार उत्सवए वंगाला पर्व मनाया जाता है। गारो जनजाति के लिए यह पर्व बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। गारो जनजाति मेघालय राज्य में दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है। तीन दिनों तक मनाया जाने वाला यह त्योहार सर्दियों के आरंभ होने का प्रतीक है। इस पर्व के दौरानए मिसी सलजोंग या सूर्य देव को धन्यवाद दिया जाता है और उनकी पूजा.अर्चना की जाती है। त्योहार का मुख्य केंद्र गारो हिल्स का सबसे बड़ा षहर तुरा है।गीत और संगीत इस समारोह में एक अभिन्न भूमिका निभाते हैं। ग्रामवासी अपने पारंपरिक एवं रंग.बिरंगी परिधानों में सजे.धजे होते हैं। समुदाय के सभी लोग गानेए नाचने एवं भरपूर आनंद उठाने के लिए एकत्रित होते हैं। इस अवसर पर अनेक स्टाॅल एवं छोटी दुकानें लगाई जाती हैंए जिनमें लकड़ी का सामानए स्थानीय व्यंजन एवं चू ;चावल से बनी बीयरद्ध मिलती है। त्योहार का एक अन्य मुख्य आकर्षण यह है कि इसमें समुदाय के लोग सौ ढोल बजाते हैं। अनोखे ढंग से बजाए जाने वाले ढोलों की ध्वनि एकसाथ स्पंदित होती है तथा माहौल में ऊर्जा का संचार करती है। इस प्रकारए वंगाला को ष्100 ड्रम महोत्सवष् भी कहा जाता है।