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बिहार

एषिया के सबसे बड़े पषु मेलों में से एक, सोनपुर मेले का आयोजन बिहार के वैषाली जिले में प्रतिवर्ष किया जाता है। सोनपुर षहर के बाहरी क्षेत्र में जहां पर पवित्र गंगा और गंडक नदियां मिलती हैं, यह मेला वहीं पर लगता है। इस मेले में हिस्सा लेने देष भर से हज़ारों लोग एकत्रित होते हैं। सोनपुर मेला कार्तिक पूर्णिमा पर आरंभ होता है, जो हिंदुओं के अनुसार एक पवित्र दिन माना जाता है। प्रथा के अनुसार सूर्योदय के समय स्नान करने के बाद, लोग एक महीने तक चलने वाले इस मेले में भाग लेते हैं। हालांकि मेले का प्राथमिक उद्देष्य मवेषियों का व्यापार है, किंतु इसे और अधिक पर्यटन अनुकूल बनाने के लिए आज कई सांस्कृतिक और अन्य वाणिज्यिक पहलुओं को जोड़ा गया है। उस समय आप अवाक रह जाएंगे जब सड़कों पर जादू दिखाने वाले जादूगर आपके चारों ओर गोले बनाएंगे। सर्कस के कलाकार अपने प्रदर्षन से आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। घुड़सवारों के करतब देखकर आप उत्साह के भंवर में गोते लगाने लगेंगे। इस मेले में छोटी-बड़ी अनेक दुकानें लगाई जाती हैं, जिनमें स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन खाने को मिलते हैं। आप इन पकवानों का स्वाद अवष्य चखें।किंवदंती के अनुसार, यह मेला चैथी षताब्दी ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य के षासनकाल में आरंभ हुआ था। कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने इस मेले में कई हाथी और घोड़े ख़रीदे थे।