calendar icon Thu, November 21- Sat, November 30, 2019

इम्फाल, मणिपुरसंगाई मृग के नाम पर रखा गया, संगाई महोत्सव मणिपुर की समृद्ध और उदार संस्कृति का जीवंत प्रदर्षन है। यह हिरण केवल मणिपुर में पाया जाता है और इसे राज्य पषु के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। यह महोत्सव 21 से 30 नवम्बर तक मनाया जाता है, जिसमें बांस नृत्य, खंबा थोबि नृत्य, कबुई नागा नृत्य, लाई हरोबा नृत्य, माइबी नृत्य इत्यादि लोकनृत्यों का षानदार प्रदर्षन देखने को मिलता है। इस महोत्सव का एक अन्य रोचक पहलू यह है कि इसमें विभिन्न प्रकार के खेल भी होते हैं, जैसे यूबी-लकपी जो रग्बी की भांति खेला जाता है। इसमें खिलाड़ी गेंद की जगह तेल की चिकनाहट में लिप्त नारियल का उपयोग करते हैं; मुकना कंगजेई, जो कुष्ती और हाॅकी का संयुक्त रूप होता है तथा थांग ता, जो मणिपुर का मार्षल आर्ट प्रमुख होते हैं। इन सबमें से सगोल कंगजेई होता है, जो सामान्य रूप से पोलो कहलाता है। यह महोत्सव मणिपुर के स्वादिष्ट व्यंजनों को चखने का सुअवसर है। यहां पर इरोम्बा, जो खमीरयुक्त मछली और उबली सब्ज़ियों से बनाई जाती है, से लेकर नगा-थोंग्बा अथवा फिष करी तक बहुत कुछ खाने को मिलता है।इन सबके अलावा, आगंतुक एडवेंचर स्पोट्र्स में भी हिस्सा ले सकते हैं, ट्रैकिंग अभियानों पर जा सकते हैं, लोकटक झील में होने वाली नौका रेस का आनंद ले सकते हैं तथा अन्य स्थानीय खेलों में भाग भी ले सकते हैं।सकते हैं तथा अन्य स्थानीय खेलों में भाग भी ले सकते हैं।सकते हैं तथा अन्य स्थानीय खेलों में भाग भी ले सकते हैं।