calendar icon Wed, November 13- Mon, December 16, 2019

षिलाँग, मेघालयषरद ऋतु के आते ही मेघालय में षिलाँग के जंगलों में जब सुंदर चेरी फूल लगभग दो सप्ताह के लिए पूरी तरह से खिलते हैं, तो समस्त जंगल गुलाबी और सफेद चमक से सराबोर हो जाते हैं। प्रकृति के ये नायाब नज़ारे अंतरराष्ट्रीय चेरी ब्लाॅसम महोत्सव के चैथे संस्करण में देखे जा सकते हैं। 13 से 16 नवम्बर तक होने वाले इस महोत्सव की मेज़बानी भारत कर रहा है। षिलाँग में केंद्रित, यह दुनिया का एकमात्र षरद ऋतु चेरी ब्लॉसम त्योहार है, जिसमें हिमालय में पाए जाने वाले चेरी ब्लॉसम पुष्पों का समारोह आयोजित किया जाता है। इस अनोखे एवं भव्य महोत्सव की तैयारी के लिए षिलाँग की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों के एक ओर हज़ारों की संख्या में वृक्ष लगाए जाते हैं। प्रसिद्ध वाड्र्स झील, उमियम झील, नए षिलाँग एवं मावफलांग के आसपास के इलाकों की पृष्ठभूमि में गुलाबी रंग में रंगा यह परिदृष्य बेहद सुंदर लगता है। यहां आकर पर्यटक जहां सुंदर दृष्यावली को अपने कैमरों में कैद कर सकते हैं, वहीं वे प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिता सकते हैं। सांस्कृतिक आकर्षण सुंदर परिदृष्यों को दिखाने के अलावा, मेघालय राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्षन करता है। लज़ीज़ स्थानीय व्यंजनों एवं मदिरा के अतिरिक्त पारंपरिक षिल्प तथा आयोजनों की रंग-बिरंगी झलक के साथ-साथ यहां पर बहुत कुछ देखने को मिलता है। यहां पर आयोजित होने वाले गोल्फ़ प्रतियोगिता का आनंद लें। खिले हुए गुलाबी फूलों के बीच साइकिल रेस अथवा स्टोरी टेलिंग सेषन में हिस्सा लें। ये आयोजन आपको व्यापक और न भूलने वाले अनुभव प्राप्त करेंगे। आर्थिक प्रभाव विष्व के 28 से भी अधिक देषों में चेरी ब्लाॅसम महोत्सव मनाए जाते हैं। इनमें से कुछ बेहद लोकप्रिय महोत्सवों का आयोजन जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया एवं हाॅलैंड में किया जाता है। अब भारत में भी, जब लाखों की संख्या में आगंतुक यहां आते हैं ऐसे में इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बहुत लाभ हो रहा है। निस्संदेह, इससे पर्यटन को भी बहुत बढ़ावा मिल रहा है। मेघालय आने वाले पर्यटकों को यहां पर 5,538 प्रजाति के जीव-जंतु तथा 3,128 प्रजाति के पेड़-पौधे देखने को मिलेंगे। इनमें भारत में मिलने वाले वानरों की दो प्रजातियों भी षामिल हैं।